आज कल लोगो की जान बहुत सस्ती हो रही है । सड़क दुर्घटना ऐसी हो रही है की सफर करते डर लग रहा है। ख़ास तौर पर पहाडो पर तो लोग हर रोज जान हथेली पर रख कर यात्रा कर रहे है । कोई दिन जाता होगा जब कोई दुर्घटना नही होती ।क्या ये सब प्राकृतिक है , या भगवान ये सब कर रहा है ?
भगवान् कभी अपने ऊपर दोष नही लगने देता है । हमेशा व्यक्ति अपने ही दोष से परेशान होता है । पहाडो पर लोग हों या प्लेन में ड्राइवर शराब बहुत पीते है , और शराब और लापरवाही दुर्घटना का सबसे बड़ा कारण है।
कुछ दोष सड़कों का भी है , सड़कें अच्छी नही है । ट्रेफिक पर कोई कंट्रोल नही है । लोग बिना अच्छी ड्राइविंग और ट्रेनिग लिए बिना ही वाहन चलाने लगते है ।
आज अच्छे ट्रेंड ड्राईवर की जरुरत है जो इन सड़कों पर लोगो को सुरक्षित उनकी मंजिल तक पहुँचा सके।
हम आज पश्चिमी देशों की तारीफ़ करते है की वहां ये होता है - वहाँ वह होता है । पर कोई इस बात को नही देखता की वहाँ पर लोग क़ानून का सम्मान करते है , चाहे छोटा आदमी हो या बड़ा । सभी नियम और क़ानून का पालन करते है । अक्सर मेरे अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों के लोग जो मेरे मित्र है , उनसे मेरी चर्चा इस विषय पर होती है । वे मुझे हैरान कर देते है की वहाँ पर बिना हेलमेट और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के कोई दोपहिया वाहन नही चलाता है , और अपने देश में लोग इस क़ानून को बोझ समझते है ।

